कोर्ट ने दी मंजूरी अमित शाह को गुजरात दंगों की आरोपी माया कोडनानी गवाह के तौर पर बुला सकती हैं

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By TNM Editor April 13, 2017 14:53

कोर्ट ने दी मंजूरी अमित शाह को गुजरात दंगों की आरोपी माया कोडनानी गवाह के तौर पर बुला सकती हैं

अहमदाबाद: गुजरात में 2002 के नरोडा गांव हत्याकांड मामले में नया मोड़ आया है. 28 फरवरी, 2002 को हुए हत्याकांड में 11 लोग मारे गए थे. इस मामले में बीॉजेपी की पूर्व मंत्री माया कोडनानी मुख्य आरोपी हैं. माया कोडनानी ने पिछले महीने ही एक अर्जी देकर बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह समेत 14 लोगों को गवाह बनाने की मांग की थी. विशेष कोर्ट ने उनकी यह मांग मान ली है और इन्हें समन जारी करने की मंजूरी दी है.

अब इस मामले की प्रमुख आरोपी माया कोडनानी बीजेपी प्रमुख अमित शाह को बतौर गवाह बुलाकर उनसे पूछताछ कर पाएंगी. अमित शाह से पूछताछ में माया कोडनानी ये साबित करना चाहती हैं कि वे घटना के दिन घटनास्थल पर नहीं थीं बल्कि, गुजरात विधानसभा भवन, सोला सिविल हस्पताल, असारवा में अपने नर्सिंग होम और असारवा सिविल हस्पताल में थीं. उनके मुताबिक वे विधानसभा और सोला सिविल हस्पताल में अमित शाह से भी मिली थीं जिससे यह साबित हो सकता है कि वे वहां थीं.

यह कहा जा रहा है कि कोडनानी और शाह समेत कई नेता उस दिन सोला सिविल अस्पताल गए थे जहां साबरमती ट्रेन हत्याकांड में मारे गए लोगों के शव  लाए गए थे.

विशेष कोर्ट में जांच कर रही एसआईटी ने 80 गवाहों की लिस्ट दर्ज करवाने के कई महीनों बाद कोडनानी की इस अर्जी से कई लोगों को आश्चर्य हो रहा है. इस मामले में मोहम्मद सलीम समेत करीब दर्जनभर गवाहों ने गवाही दी है कि माया कोडनानी उस दिन घटनास्थल पर मौजूद थीं.

सलीम ने अपनी गवाही में कहा है कि उन्होंने विश्व हिन्दु परिषद के तत्कालीन महामंत्री जयदीप पटेल और माया कोडनानी को नरोडा गांव पर घटनास्थल पर देखा और उनकी गाडियों में से हथियार लेकर लोगों ने पीड़ितों पर हमले किए थे.
पीड़ितों के वकील शमशाद पठान का आरोप है कि माया कोडनानी जानबूझकर ऐसी राजनीतिक हस्ती को गवाह बना रही हैं जिससे पूरे केस पर असर डाला जा सके.

हालांकि कोडनानी के वकील अमित पटेल ये आरोप झुठला रहे हैं और कहते हैं कि माया कोडनानी को किसी भी गवाह से अपने बचाव में पूछताछ करने का पूरा कानूनी अधिकार है.

माया कोडनानी नरोडा पाटिया हत्याकांड मामले में पहले से दोषी पाई गई हैं और उन्हें उम्र कैद की सज़ा हुई है. हालांकि स्वास्थ्य कारणों से पिछले दो सालों से जमानत पर बाहर हैं. लेकिन अगर अमित शाह माया कोडनानी के बचाव में उतरते हैं तो वे उस एसआईटी का विरोध करते नजर आएंगे जो सरकार की है और जिसकी चार्जशीट के मुताबिक माया कोडनानी आरोपी हैं.

 

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