10 साल की बच्ची एक दिन के लिए बनी महिला इंस्पेक्टर, मार्मिक है ये कहानी

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By TNM Editor January 11, 2017 14:10

10 साल की बच्ची एक दिन के लिए बनी महिला इंस्पेक्टर, मार्मिक है ये कहानी

रायपुर।गंभीर बीमारी से पीड़ित 10 वर्षीया सानिया साहू का सपना पुलिस ने आज साकार कर दिया। उसे एक दिन के लिए पुलिस अफसर बनाया गया। उसे बिल्कुल वैसा ही ट्रीटमेंट दिया गया। फुल वर्दी में जब वह अपनी चेयर पर बैठी तो वहां मौजूद उसके माता-पिता चेहरे पर खुशी के आंसू थे। मार्मिक है कहानी…

– शहर के मठपुरैना निवासी भीमलाल साहू की बेटी सानिया साहू जन्म से ही गंभीर बीमारियों से पीड़ित है।

– उसके दोनों किडनी फेल हो चुके हैं। वह देख भी नहीं सकती।

– सानिया का सपना पुलिस अफसर बनने का है। वह अक्सर घर में इसकी चर्चा करती थी।

– बच्ची की ख्वाहिश की जानकारी आईजी प्रदीप गुप्ता तक पहुंची तो उन्होंने उसे पूरा करने का फैसला लिया।

ऐसे पहुंची आईजी तक बात

– 14 जनवरी को उसका 11वां बर्थडे होगा। उससे पहले बेटी का सपना पूरा करने के मकसद से भीमलाल वर्दी खरीदने गए थे।

– लाइसेंसी दुकान के ऑनर ने वर्दी देने से मना कर दिया। भीमलाल को बताया गया कि इसके लिए पुलिस डिपार्टमेंट का अनुपति पत्र चाहिए।

– बच्ची के सपने को लेकर काफी इमोशनल भीमलाल सीधे आईजी प्रदीप गुप्ता से अनुमति पत्र मांगने पहुंच गए।

– आईजी गुप्ता ने जब वजह पूछी तो भीमलाल ने पूरी कहानी सुना दी।

– इस पर आईजी भी भावुक हो गए और उन्होंने फैसला किया कि यह काम अब पुलिस डिपार्टमेंट करेगी।

वो भावुक क्षण

– बुधवार को आईजी ऑफिस से पुलिस की गाड़ी मठपुरैना स्थित सानिया के घर उसे लेने पहुंची।

– वहां पहले से ही उसे वर्दी पहनाकर तैयार रखा गया था। उसी गाड़ी में पूरी सुरक्षा के साथ वह आईजी ऑफिस पहुंची।

– वहां उसे इंस्पेक्टर की चेयर पर बिठाया गया। ऑफिस में पहले से ही जन्मदिन मनाने की तैयारी हो चुकी थी।

– सानिया ने वहीं अपने 11वें जन्मदिन का केक काटा। यह दृश्य देख कई वर्दीवालों की आंखें भी छलक गईं।

गवां चुके हैं बड़ी बेटी

– भीमलाल ने बताया कि उनकी बड़ी बेटी को भी ऐसी ही गंभीर बीमारी थी।

– उसके इलाज में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी लेकिन वह बच न सकी।

– मात्र साढ़े सात हजार रु सैलरी की प्राइवेट जॉब करने वाले भीमलाल इलाज के कारण लाखों के कर्ज में हैं।

 

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By TNM Editor January 11, 2017 14:10
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